हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में सोलन जिले के अर्की बाजार में रविवार रात हुए भीषण आग हा*दसे के बाद तलाशी अभियान में बुधवार को सात और जले हुए श*वों के अवशेष बरामद हुए है। अब इस हा*दसे में म*रने वालों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि मृ*तकों में नौ नेपाली नागरिक और बिहार का एक आठ साल का बच्चा शामिल है। सोलन के उपायुक्त ने इस मामले में मजिस्ट्रेट स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सोलन के अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने कहा कि आग इतनी भयानक थी कि अब तक कोई श*व पूरी तरह से नहीं मिला है।
केवल मानव अवशेष ही बरामद हो रहे हैं। सोमवार को दो अवशेष, मंगलवार को तीन और बुधवार को सात अवशेष मिले हैं। इन अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जहां डीएनए मिलान से पहचान की जाएगी। मृत*कों के परिजनों के डीएनए सैंपल पहले ही ले लिए गए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, होम गार्ड्स और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह अभियान शुरू किया।
टीम ने मंगलवार सुबह 9:45 बजे पहला अवशेष ढूंढा, जबकि दोपहर 12:45 से 1:15 बजे के बीच और अवशेष बरामद हुए। खतरे वाली इमारतों की दीवारों को गिराकर मलबा हटाया गया है और बचे मलबे को पास के चौगान मैदान में स्थानांतरित किया गया है, जहां गुरुवार को फिर से तलाशी होगी।
सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि लापता लोगों में दो पुरुष, दो महिलाएँ और पाँच बच्चे शामिल हैं। सभी नेपाली मूल के हैं। उन्होंने कहा कि अवशेष इतने जले हुए हैं कि पहचान असंभव है, इसलिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में डीएनए विश्लेषण कराया जा रहा है। पुलिस ने इमारत के मालिक राजीव गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 के तहत एफआईआर दर्ज की है, जिसमें आग या ज्वलनशील पदार्थों के प्रति लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। अर्की के एसडीएम निशांत तोमर ने बताया कि इमारत के ग्राउंड और पहले फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं, जबकि ऊपरी दो मंजिलों में नेपाल और बिहार से आए प्रवासी मजदूर किराए पर रह रहे थे।

