कोटा: मकर संक्रांति का त्योहार आज धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन पतंगबाजी कई दिनों से चल रही है। इन पतंगों को उड़ाने में अधिकतर चाइनीज मांझे का इस्तेमाल हो रहा है, जो न सिर्फ लोगों को घायल कर रहा है, बल्कि पक्षियों के लिए भी जा*नलेवा साबित हो रहा है। पिछले डेढ़ महीने में करीब 80 पक्षी घायल हो चुके हैं और दो कबूतरों की मौ*त हो गई है। वहीं, आधा दर्जन से ज्यादा लोग भी घायल हो गए हैं।
पहले पतंग उड़ाने में साधारण धागा या सामान्य मांझा का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन वाली पतंगों के साथ चाइनीज मांझा ज्यादा आम हो गया है। यह मांझा उड़ाने वाले के हाथों को नुकसान पहुंचाता है और आसमान में उड़ते पक्षियों के पंख का*टकर उन्हें घायल कर देता है। इसके साथ ही पतंग कटने पर उसके साथ सड़क पर लटकने वाला चाइनीज मांझा राह चलते लोगों की गर्दन, आंख, नाक तक को घायल कर रहा है।
शहर में पिछले कई दिन से इस तरह की घटनाएं हो रही है। नगर निगम व पुलिस की ओर से चाइनीज मांझे की धरपकड़ का अभियान भी चलाया हुआ है। उसके बाद भी यह बाजार में चोरी छिपे बिक रहा है। साथ ही लोग इसका उपयोग भी कर रहे हैं। कोटा में मंगलवार को दो अलग-अलग घटनाओं में बाइक सवार एक बच्चा और बुजुर्ग चाइनीज मांझे से घायल हो गए है।
इससे बुजुर्ग के गले तो बच्चे के गाल पर क*ट लग गया। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। केशवपुरा फ्लाईओवर पर जाते समय बाइक सवार बुजुर्ग की चाइनीज मांझे से गर्दन पर कट लग गया। बुजुर्ग को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उनकी गर्दन में टांके लगाए गए हैं। संजय नगर इलाके में एक बच्चे के गाल पर चाइनीज मांझे से कट लग गया।

