जयपुर: राजस्थान के बीकानेर जिला मुख्यालय पर 2 फरवरी से जारी ‘खेजड़ी बचाओ आं*दोलन’ को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के लिए शुभ संकेत बताया है। सोमवार को एक वीडियो बयान जारी करते हुए उन्होंने सरकार से जल्द ट्री प्रोटेक्शन एक्ट पर फैसला लेने की अपील की है। अशोक गहलोत ने कहा कि पहले अरावली और अब खेजड़ी बचाने को लेकर चल रहे आं*दोलन राजस्थान के लिए शुभ संकेत हैं।
पर्यावरण को लेकर जो चेतना आमजन में आई है वह सराहनीय है। अब समय आ गया है कि विकास एवं प्रकृति के बीच संतुलन का सख्ती से पालन कराया जाए। बिना पर्यावरण के हम भावी पीढ़ी को क्या जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि विकास अपने आप में महत्व रखता है, लेकिन विकास और पर्यावरण में संतुलन नहीं रहेगा तो स्थिति बिगड़ेगी और प्रदूषण फैलेगा। गहलोत ने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग हो रहा है और पर्यावरण की दुनिया भर में चर्चा हो रही है।
गहलोत ने की राज्य के लोगों से अपील:
अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि आंदोलन करने से काम नहीं चलेगा बल्कि प्रदेशवासी अपने-अपने क्षेत्र में संगोष्ठियां करें, चर्चाएं करें और लोगों को समझाएं कि पर्यावरण का क्या महत्व है। कैसे प्रदूषण समाप्त हो। हर नागरिक को यह सोच पैदा करनी चाहिए। अशोक गहलोत ने विकास के लिए पश्चिमी राजस्थान में लगाए जा रहे सोलर प्लांट को भी जरूरी बताया, लेकिन लाखों खेजड़ी के पेड़ों की कटाई और बढ़ते तापमान पर चिंता जाहिर की है।
उन्होंने सरकार से इसको लेकर नीति बनाने, रिसर्च करवाने के साथ जनता की सोच को ध्यान में रखते हुए जनहित में फैसला करने की भी मांग की है। वहीं मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने रविवार रात धरना दे रहे संतों और खेजड़ी बचाओ आं*दोलन से जुड़े आंदोलनकारियों से जयपुर में मुलाकात की। उन्होंने प्रदेश भर में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाते हुए ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाने का आश्वासन भी दिया है। बीते दिनों विधानसभा में खेजड़ी बचाने के लिए कानून बनाने की घोषणा की गई थी।

