अजमेर: अजमेर में सरकारी जनाना अस्पताल के डॉक्टर और ई-मित्र संचालक पर 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से रे*प और ब्लै*कमेलिंग का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की बहन ने 11 अप्रैल 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार की भाभी की डिलीवरी जनाना अस्पताल में हुई थी।
उस समय नाबालिग बहन भाभी के साथ अस्पताल में मौजूद थी। डॉक्टर ने लड़की से मुलाकात कर उसका मोबाइल नंबर लिया और धीरे-धीरे उसके जाल में फं*सा लिया। भाभी के डिस्चार्ज होने के 14 दिन बाद डॉक्टर ने लड़के के जन्म की बधाई देते हुए 14 फरवरी 2025 को कार में घुमाने के बहाने नाबालिग को अपने फ्लैट पर ले गया। आरोप है कि डॉक्टर ने कोल्ड ड्रिंक में न*शीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और फिर उसके साथ बला*त्कार किया। घटना के दौरान अ*श्लील फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद डॉक्टर ने इन फोटो-वीडियो के जरिए नाबालिग को ब्लै*कमेल किया और आरोप के मुताबिक 8 से 10 बार रे*प किया।
साथ ही ग*र्भनिरोधक गोलियां भी खिलाईं। नाबालिग नियमित रूप से कॉलोनी में स्थित एक ई-मित्र दुकान पर स्कूल के काम से जाती थी। उसने अपनी पीड़ा वहां काम करने वाले युवक को बताई। युवक ने डॉक्टर के चंगुल से छुड़ाने का झूठा वादा किया, लेकिन खुद लड़की की मजबूरी का फायदा उठाया। आरोप है कि ई-मित्र संचालक ने नाबालिग को होटल ले जाकर जबरदस्ती रे*प किया। विरोध करने पर मा*रपीट की और ब्लै*कमेल करने लगा। उसने कहा की, “जैसा मैं कहूं वैसा करो, वरना पूरी कॉलोनी में बदनाम कर दूंगा।” रिपोर्ट में बताया गया कि ई-मित्र संचालक ने 6 बार होटल ले जाकर रे*प और मा*रपीट की।
10 अप्रैल 2026 को जब नाबालिग कपड़े बदल रही थी, तब उसकी बहन ने शरीर पर चोट के निशान देखे। पूछताछ करने पर नाबालिग फूट-फूटकर रो पड़ी और सारी घटना बता दी। इसके बाद पीड़िता की बहन ने दोनों आरोपियों जनाना अस्पताल के डॉक्टर और ई-मित्र संचालक के खिलाफ रे*प, ब्लै*कमेलिंग और संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच चल रही है। डॉक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल बंद मिला। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पीड़िता की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

