सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) में पेड़ कटाई (Tree Felling) को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पर्यावरण प्रेमियों और पेड़ बचाओ आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने 29 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी थी, लेकिन शहर में 70 से ज्यादा पेड़ काट दिए गए।

कार्यकर्ताओं के अनुसार 4 मई से 11 मई के बीच शहर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर पेड़ काटे गए। गणेश होटल से सिविल लाइन, हम्मीर सर्कल से अंबेडकर सर्कल, पुराना ट्रक यूनियन से पुलिस लाइन और पुलिस लाइन से जामा मस्जिद तक बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई हुई है। पेड़ बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों ने पहले इन पेड़ों की जिओ ट्रैकिंग और फोटोग्राफी (Photographty) करवाई थी, ताकि उन्हें संरक्षित किया जा सके। आरोप है कि जिन पेड़ों को बचाने की मांग की गई थी, उन्हीं में से अधिकांश को काट दिया गया।
आंदो*लनकारियों का कहना है कि कई पेड़ों को तकनीकी बदलाव और मार्ग संशोधन के जरिए आसानी से बचाया जा सकता था, लेकिन प्रशासन ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई। लगातार वि*रोध और शिकायतों के बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर गंभीर निरीक्षण नहीं किया। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को रात में हटाया गया और कई जगह तुरंत खुर्द-बुर्द कर दिया गया।
वहीं सिंचाई विभाग परिसर के पास दुकानों को तोड़े जाने से प्रभावित एक महिला दिनभर धर*ने पर बैठी रही, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके नाम पर दशकों पुराने पेड़ों और शहर की हरियाली (Haryali) को खत्म करना सही नहीं है। आं*दोलनकारियों ने कहा कि उनका विरोध विकास के खिलाफ नहीं, बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने के लिए है।

