सवाई माधोपुर: मानसून (Monsoon) से पहले नगर परिषद (Nagar Parishad) द्वारा नालों (Drain) की सफाई (Cleaning) पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। ऐसे में अब नगर परिषद (Nagar Parishad Sawai Madhopur) के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) शहर के वार्ड नंबर 57 में कई नाले अब भी कचरे और गंदगी से भरे पड़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बरसात (Rain) शुरू होने के बावजूद नालों की समुचित सफाई नहीं की गई। नालों में जमा कचरा और मिट्टी के कारण बारिश के दौरान जलभराव (Water logging) की आशंका बनी हुई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि सफाई कार्य केवल कागजों तक सीमित रहा, जबकि जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत हैं। लोगों ने नगर परिषद से वार्ड-57 के नालों की तत्काल सफाई कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

