कोटा: कोटा में एलपीजी वितरण व्यवस्था (LPG GAS Cylinder) को लेकर विधायक संदीप शर्मा ने प्रशासनिक और रसद विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोगों की पैनिक बुकिंग के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। गैस की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी दिखने लगा है। कई जगहों पर मेन्यू में कटौती की गई है, जबकि शहर और ग्रामीण इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं।
कोटा में बड़ी संख्या में कोचिंग स्टूडेंट हॉस्टल और पीजी में किराए पर रहते हैं। यह सभी स्टूडेंट हॉस्टल और बाहर की मैस पर निर्भर हैं। बच्चों को खाने की कमी न आए, इसको लेकर हॉस्टल संचालक और मैस संचालक डीजल भट्टी, कोयले और लकड़ियों से चूल्हे जलाकर खाना पका रहे हैं।
आज आ सकती है कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई:
इस बीच कोटा एलपीजी वितरक एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द गुप्ता ने बताया कि पहले जिले में महीने में करीब 1 लाख घरेलू सिलेंडर व 35 से 40 हजार कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति होती थी। ईरान अमेरिका युद्ध (Iran Israel Conflict) के बावजूद घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति सुचारु है। 19-20 का फर्क पड़ा है। अभी पैनिक बुकिंग के कारण ऐसी स्थिति बन रही है।
वहीं, दूसरी तरफ गैस एजेंसियों का कहना है कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई जल्द शुरू होने वाली है। लेकिन इसमें एक नियम लगाया जाएगा। उसके अंदर एक नियम लगा रहे हैं कि कॉमर्शियल सिलेंडर केवल रजिस्टर्ड हॉस्टल जहां स्टूडेंट रह रहे हैं, वहीं सप्लाई किया जाएगा। ताकि कोचिंग स्टूडेंट्स के खाने की व्यवस्था प्रभावित न हो।

