जयपुर: खान विभाग खनिज परिवहन करते वाहनों पर समय—समय पर औचक कार्रवाई करते हुए तुलायंत्रों पर पुनः वजन करवाएगा। प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने बुधवार को सचिवालय में हाईब्रिड मोड पर आयोजित बैठक मे यह जानकारी दी। कुछ लीजधारकों द्वारा तुलायंत्र संचालकों से तालमेल कर सरकारी राजस्व मे छीजत के प्रयासों की शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय किया गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय फील्ड अधिकारियों को समय—समय पर औचक निरीक्षण कर तुलायंत्रों पर खनिज से भरे वाहनों का पुनः वजन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि पिछले दिनों प्रयोग के तौर पर कुछ स्थानों पर औचक निरीक्षण कराकर तुलायंत्रों पर दुबारा वजन कराने पर वाहनों मे खनिज की मात्रा में अंतर के मामलें सामने आया हैं। उन्होंने बताया कि अधीक्षण खनिज अभियंता अपने कार्य क्षेत्र में इस तरह के औचक निरीक्षण करवाएं ताकि माइनिंग सेक्टर मे तुलायंत्र संचालको से मिलीभगत कर राज्य सरकार के राजस्व को हानि पहुंचाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि माइनिंग सेक्टर मे राजस्व छीजत रोकने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है और अधिकारियों को फील्ड मे सक्रिय रहने के सख्त निर्देश दिए गए है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार के गोपनीय निर्देशों पर जनवरी के पहले पखवाड़े के दौरान अधीक्षण खनिज अभियंता जयपुर एनएस शक्तावत के निर्देशन मे जयपुर जोन मे खनिजों परिवहन करते वाहनों के तुलायंत्रों पर पुनः वजन कराने पर 35 मामलों मे अनियमितता पाई गई है। इसमें खनि अभियंता जयपुर श्याम कापड़ी द्वारा 5, खनि अभियंता अलवर मनोज शर्मा द्वारा 3, खनि अभियंता सीकर द्वारा 8, खनि अभियंता झुन्झुनू द्वारा 12 खनि अभियंता दौसा मे 3, टोंक मे 2 प्रकरणों सहित जयपुर जोन में 35 मामलें सामने आये है। 26 मामलों मे संबंधित से जुर्माना राशि वसूल कर राजकोष मे जमा करवाई गई है। निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने कहा कि खनिज परिवहन वाहनों के पुनः तुलाने के निर्देश जारी करने के साथ ही अधिकारियों को सरकारी राजस्व मे छीजत रोकने के प्रभावी प्रयास करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि विभागीय मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। हाईब्रिड बैठक मे संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर अधीक्षण खनि अभियंता जयपुर एनएस शक्तावत विशेषाधिकारी श्रीकृष्ण शर्मा व विभाग के अधीक्षण खनि अभियंता स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

