बारां: बारां (Baran) जिले की ग्राम पंचायत सानवाड़ा के रिझोल रोड के पास बसी आदिवासी सहरिया बस्ती में भीषण गर्मी (Extreme Heat) के बीच पेयजल संकट (Water Crisis) गहराता जा रहा है। यहां करीब 50 से 60 परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। गांव में आवास की कमी के चलते इन परिवारों ने रिझोल रोड के पास नया मोहल्ला बसाया है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा यहां नया हेडपंप लगवाया गया, जिसमें करीब 600 फीट गहराई से पर्याप्त पानी निकल रहा है।

हालांकि हेडपंप की अत्यधिक गहराई अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। महिलाओं और किशोरियों का कहना है कि पानी निकालने के लिए दो-तीन महिलाओं को मिलकर हेडपंप चलाना पड़ता है, तब कहीं जाकर पानी ऊपर आता है। तेज गर्मी में यह काम काफी मुश्किल साबित हो रहा है। मजबूरी में कई परिवारों को दूसरे स्थानों पर लगे सोलर प्लांट (Solar Plant) की मोटरों से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और महिला समूहों ने ग्राम पंचायत से मांग की है कि मौजूदा पाइपलाइन हटाकर हेडपंप पर मोटर और पंखा लगाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। जागृत महिला संगठन की महिलाओं और किशोरियों ने ग्राम विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की है। इस दौरान युवा मंच के सदस्य सतीश, राकेश, कलीराम, ईश्वरलाल, गोविंद, अवधेश, करण सिंह, बब्लेश समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं ग्राम विकास अधिकारी रेखम जाटव ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में हेडपंप पर मोटर लगवा दी जाएगी।
(रिपोर्ट : फिरोज खान)

