जयपुर: राजधानी जयपुर (Jaipur) में पत्रकारों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के जैसलमेर (Jaisalmer) स्थित रेस्टोरेंट पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के व*रोध में जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहा बेमियादी ध*रना मंगलवार को 10वें दिन भी जारी रहा। बारिश और खराब मौसम के बावजूद पत्रकार धरने पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मंगलवार को हनुमानगढ़ और बारां से पहुंचे पत्रकार भी ध*रने में शामिल हुए।
प्रदर्श*नकारियों का कहना है कि यह केवल एक पत्रकार के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी की आवाज दबाने की कोशिश है। आईएफडब्ल्यूजे के हनुमानगढ़ जिलाध्यक्ष राजू रामगढ़िया ने आरोप लगाया कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि उपेंद्र सिंह राठौड़ ने अपने अखबार में जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए, जिसके बाद दबाव में आकर प्रशासन ने उनके रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की। उनका दावा है कि बिना ठोस कारण बताए की गई यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण और कानून के खिलाफ है।
बारां के संगठन मंत्री राजेंद्र श्रृंगी ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहा। देशभर के पत्रकार इस घटना से नाराज हैं और यदि सरकार ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर फैल सकता है। ध*रने में वरिष्ठ पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की आवाज को दबाने की कोशिश किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

