कोटा: कोटा (Kota) के न्यू मेडिकल हॉस्पिटल (New Medical College Hospital Kota) में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 2 प्रसूताओं (Maternity) की मौ*त और 4 महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में ड्र*ग डिपार्टमेंट ने जांच तेज कर दी है। राजस्थान के ड्र*ग कंट्रोलर अजय फाटक गुरुवार शाम जयपुर से कोटा पहुंचे और अस्पताल में करीब 12 घंटे तक जांच की। टीम ने वार्ड, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर (OT) और दवाओं के स्टोरेज की स्थिति का जायजा लिया।

साथ ही अस्पताल में स्टरलिटी और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की भी जांच की गई। मौके से दवाओं, फ्लूड और मेडिकल कंज्यूमेबल्स के कुल 23 सैंपल लिए गए हैं। ड्र*ग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि जिन दवाओं का इस्तेमाल कोटा के अस्पताल में किया गया था, उनके उसी बैच के उपयोग पर पूरे राजस्थान में रोक लगा दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।
जांच में दवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ ओटी, लेबर रूम और वार्ड की व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है। फिलहाल अन्य प्रसूताओं में इस तरह की शिकायत सामने नहीं आई है। फाटक ने माना कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अस्पताल में स्टैंडर्ड गाइडलाइन के तहत सुधार की जरूरत है, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकें।

